दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट के नाम पर उगाही के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और मेटा को नोटिस भेजा है। यह मामला कॉपीराइट कानूनों के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसमें कुछ पक्षों पर सामग्री निर्माताओं से अनुचित तरीके से पैसे वसूलने का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला
याचिका में दावा किया गया है कि कुछ लोग कॉपीराइट कानूनों की आड़ में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और छोटे व्यवसायों को धमकाकर पैसे वसूल रहे हैं। इस मामले में मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि इसी के प्लेटफॉर्म पर यह गतिविधियां हो रही थीं।
अदालत का रुख
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और मेटा दोनों से जवाब मांगा है। अदालत यह जानना चाहती है कि क्या मौजूदा कॉपीराइट कानूनों में इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं या नहीं।
डिजिटल क्रिएटर्स के लिए अहम मामला
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और छोटे कारोबारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। अदालत के फैसले का असर आने वाले समय में कॉपीराइट से जुड़े नियमों और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है।




