वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान पर करीब 90 मिनट तक हमले किए।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने के मकसद से की गई। इस जलसंधि से होकर दुनिया के करीब एक प्रमुख हिस्सा कच्चा तेल निर्यात होता है, इसलिए इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर वैश्विक बाजारों पर असर डालती है।
नौसैनिक नाकाबंदी फिर लागू
बड़ते तनाव के बीच दोनों पक्षों ने अपने नौसैनिक बेड़ों की गतिविधियों में तेजी लाई है। जान-माल के नुकसान की आशंका को लेकर दोनों ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
वैश्विक चिंता
दुनियाभर के देश इस टकराव को लेकर चिंतित हैं क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावट बनी रही तो तेल और ऊर्जा की आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे आयात देशों समेत भारत की महंगाई भी बड़ सकती है।




