ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान के साथ संपन्न हो गई। इस मौके पर देशभर से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
क्या है नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान
नीलाद्रि बिजे रथ यात्रा का अंतिम और सबसे अहम अनुष्ठान माना जाता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को गुंडिचा मंदिर से वापस मुख्य जगन्नाथ मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे बेहद श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाया जाता है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल के साथ-साथ चिकित्सा टीमें, भीड़ नियंत्रण के विशेष दस्ते और स्वयंसेवी संगठन भी पूरे आयोजन के दौरान मुस्तैद रहे, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
इस साल की रथ यात्रा में देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पुरी पहुंचे। स्थानीय प्रशासन के अनुसार आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से पूरा कराया गया, और अब अगले साल की रथ यात्रा की तैयारियों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।



