संसद के मानसून सत्र में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किया गया है। NEET पेपर लीक मामले के बाद देशभर में उठे छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन के मद्देनजर सरकार इस विधेयक को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम बता रही है।
क्या है विधेयक में खास
नए संशोधन विधेयक का मकसद परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर सख्ती से लगाम कसना है। विधेयक में परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा के प्रावधान पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
छात्र आंदोलन का असर
यह विधेयक ऐसे समय पेश हुआ है जब NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया था। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबे अनशन ने भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उभारा, जिसके बाद सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा देने और सख्त कानून लाने का भरोसा दिलाया था।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कई सवाल उठाए हैं और मांग की है कि कानून को और सख्त बनाया जाए। संसद में इस पर विस्तृत बहस होने की उम्मीद है, जिसके बाद विधेयक को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। छात्र संगठनों की नजर भी इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।



