वैश्विक बाजारों में जारी दबाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखने की आशंका है। GIFT निफ्टी में 180 अंकों से ज्यादा की गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, जबकि एशियाई बाजार भी दबाव में कारोबार कर रहे हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है, WTI क्रूड 79 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर के पार पहुंच गया है।
विश्लेषकों के मुताबिक, तेल की बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ी वजह है। इसके अलावा जून महीने में भारत का व्यापार घाटा भी 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि इस दौरान आयात में करीब 31% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि, दूसरी छमाही में विदेशी निवेश प्रवाह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। निवेशकों की नजर आज कंपनियों की तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेगी।




