स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेटर नितीश रेड्डी की सेंचुरी सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के संघर्ष और त्याग की कहानी है। नितीश के पिता ने बेटे के क्रिकेट सपने को पूरा करने के लिए अपनी सरकारी नौकरी तक छोड़ दी थी।
संघर्ष की पूरी कहानी
नितीश के परिवार ने कई मुश्किलें झेलीं, लेकिन बेटे की प्रतिभा पर भरोसा कभी कम नहीं होने दिया। पिता ने अपना करियर तक दांव पर लगा दिया ताकि बेटा क्रिकेट में आगे बढ़ सके।
यह भावुक कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने नितीश और उनके परिवार को खूब सराहा। कई लोगों ने इसे संघर्ष और समर्पण की मिसाल बताया।




