पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब भारत के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं, जिनकी चपेट में भारत के निवेश वाला रणनीतिक चाबहार पोर्ट भी आ गया है।
क्या हुआ नुकसान
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में चाबहार के शाहिद कलंतरी टर्मिनल का मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर क्षतिग्रस्त हो गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भी इसकी तस्वीरें साझा कीं, हालांकि टावर के पूरी तरह ढहने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। अमेरिकी सेना का कहना है कि हमलों का निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम और तटीय निगरानी केंद्र थे।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके जरिए भारत पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी व्यापारिक पहुंच बनाता है। 2024 में इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड ने ईरान के साथ 10 साल का संचालन समझौता किया था, जिसके तहत करीब 370 मिलियन डॉलर के निवेश और विकास की योजना बनाई गई है।
भारत के सामने कूटनीतिक चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि भारत को अमेरिका और ईरान, दोनों ही रणनीतिक साझेदारों के साथ अपने संबंध संतुलित रखने हैं। अगर क्षेत्र में संघर्ष लंबा खिंचता है, तो पोर्ट के संचालन, शिपिंग, बीमा और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे भारत के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।




