झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन के 14वें दिन एक और चिंताजनक घटनाक्रम सामने आया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
चार दिन से भूखे-प्यासे थे राहुल
छात्रों के मुताबिक राहुल क्रांति चार दिनों से बिना कुछ खाए-पिए आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसकी वजह से उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि उनका शरीर तप रहा था, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। राहुल ने पहले कई सरकारी परीक्षाएं दी थीं और सहायक शिक्षक परीक्षा भी पास की थी, लेकिन भर्ती के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई।
छह छात्र हैं भूख हड़ताल पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आंदोलन में कुल छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिनमें राहुल क्रांति भी शामिल थे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन भी आज छठे दिन में प्रवेश कर चुका है, और लगातार बिगड़ती सेहत के बावजूद वे अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग है कि 14वीं झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द किया जाए और भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए। छात्रों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग उठाई है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आरोप है कि सरकारी नौकरियों में बैकडोर से सेटिंग की गई, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत बेकार चली गई।
विपक्ष का सरकार पर हमला
आंदोलन स्थल पर विपक्षी दलों के समर्थकों ने भी झारखंड सरकार पर पेपर लीक कराने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। आंदोलन को लेकर हर दिन बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग समर्थन जताने के लिए धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में सहानुभूति बढ़ती जा रही है।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
छात्रों की बिगड़ती सेहत को देखते हुए राज्य सरकार पर आंदोलनकारियों से बातचीत का दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती छात्रों के समुचित इलाज का भरोसा दिलाया है, वहीं आंदोलनकारी छात्र संगठनों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर परेशानी महसूस कर रहा है, तो कृपया नजदीकी डॉक्टर या हेल्पलाइन से संपर्क करें। अस्वीकरण: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है, स्थिति लगातार बदल सकती है।


