नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कई नीतिगत मुद्दों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या हैं खड़गे के मुख्य आरोप?
खड़गे ने अपने बयान में सरकार पर आम जनता की जरूरी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े ऐलान तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका क्रियान्वयन उतना प्रभावी नहीं होता। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस के पास जनहित के मुद्दों पर कोई ठोस एजेंडा नहीं है, और वह सिर्फ आलोचना के लिए आलोचना करने में जुटी रहती है। बीजेपी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।
संसद में गूंजेगा मुद्दा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खड़गे का यह बयान मानसून सत्र के दौरान संसद में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। विपक्षी दल पहले से ही कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं, और खड़गे के इस ताजा हमले से विपक्षी एकजुटता को और बल मिल सकता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। कुछ यूजर्स ने खड़गे के बयान का समर्थन किया, तो वहीं कुछ ने इसे विशुद्ध राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की उम्मीद है।


