ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने कमाल कर दिखाया है। शुक्रवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत के 10 बॉक्सरों ने जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली, जिससे अब देश के खाते में गोल्ड मेडल की भारी बरसात होने की उम्मीद जग गई है।
लवलीना समेत कई सितारे फाइनल में
फाइनल में पहुंचने वाली महिला मुक्केबाजों में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), जैस्मिन लेंबोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी (51 किग्रा) और प्रिया घणघस (60 किग्रा) शामिल हैं। एशियन गेम्स 2022 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रीति पवार ने सेमीफाइनल में जाम्बिया की मुक्केबाज को 5-0 से हराकर अपनी दावेदारी मजबूत की।
दस गोल्ड की उम्मीद क्यों जगी
भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन को देखते हुए कोचिंग स्टाफ और खेल विशेषज्ञ दोनों उत्साहित हैं। पिछले कई टूर्नामेंट्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने लगातार सुधार दिखाया है, और इस बार टीम सिर्फ पदक जीतने नहीं बल्कि स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाने के इरादे से उतरी है।
फाइनल मुकाबले आज
अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय मुक्केबाज पदक के रंग को गोल्ड में बदलने की कोशिश करेंगे। अगर सभी 10 बॉक्सर अपने-अपने फाइनल जीतते हैं, तो यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे शानदार बॉक्सिंग प्रदर्शन होगा।



