लखनऊ: उद्घाटन से ठीक पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा उद्घाटन से पहले ही धंस गया, जिसे लेकर निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
सपा का आरोप
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हजारों करोड़ की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे में कंस्ट्रक्शन के दौरान ही गुणवत्ता से समझौता नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि आगे कोई और जानहानि न हो।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सपा सरकार की उपलब्धियों पर राजनीति कर रही है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों में सबसे सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाता है।
जांच और कार्रवाई
राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश देते हुए संबंधित ठेकेदार एजेंसी से रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे एक्सप्रेसवे के निर्माण गुणवत्ता की फिर से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यात्री सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक्सप्रेसवे पर यात्री सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन चालकों ने मांग की है कि एसे हाई-स्पीड कॉरीडोर्स पर बनने से पहले ही सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित हो।


