नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बीच एक बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में प्रस्तावित विलय पर सुबह निर्णय सुना सकते हैं।
सियासी हलचल तेज
अगर यह विलय मंजूर होता है, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। TMC नेतृत्व की ओर से अभी इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का सीधा असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। सभी दलों की निगाहें अब लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं।




