अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की दो-दिवसीय बैठक पर दुनियाभर के निवेशकों की निगाहें टिकी हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर लिया जाने वाला फैसला वैश्विक शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार की दिशा भी तय कर सकता है।
डॉलर इंडेक्स में नरमी
बैठक से पहले US डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 101.19 के स्तर पर आ गया। इसके उलट भारतीय रुपये में मजबूती देखी गई, जो डॉलर के मुकाबले 96.56 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में नरमी की उम्मीदों ने डॉलर पर दबाव बनाया है।
भारतीय बाजार पर संभावित असर
यदि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती या नरम रुख का संकेत देता है, तो इससे उभरते बाजारों समेत भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद बढ़ जाती है। इसके उलट सख्त रुख बना रहने की स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि फेड की बैठक के नतीजे आने तक बड़े फैसले लेने से बचें और अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव से नुकसान को सीमित किया जा सके।
अस्वीकरण: यह जानकारी बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित है और निवेश सलाह नहीं है।



