भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़ा बदलाव हुआ है। पांच साल तक टीम इंडिया के फील्डिंग कोच रहे टी दिलीप का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है, और इस विदाई पर टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने बेहद भावुक अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रोहित शर्मा ने क्या लिखा
रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम पर टी दिलीप के लिए एक खास पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “आप एक लीजेंड हैं दिलीप गुरु। आपने टीम के भीतर जादू बिखेरा है और आप पर्दे के पीछे मेहनत करने वाले असली वर्कहॉर्स हैं। आगे के भविष्य के लिए आपको ढेरों शुभकामनाएं।” इस भावुक संदेश को क्रिकेट फैंस के बीच खूब सराहा जा रहा है, जो दिखाता है कि खिलाड़ियों के बीच टी दिलीप का कितना सम्मान रहा है।
क्यों नहीं बढ़ाया गया कार्यकाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया की फील्डिंग में कुछ चूकों को देखते हुए बीसीसीआई ने टी दिलीप के अनुबंध को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया। यह फैसला भले ही परफॉर्मेंस से जुड़ा हो, लेकिन दिलीप के पांच साल के कार्यकाल को टीम इंडिया की फील्डिंग संस्कृति में आए बड़े बदलाव के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
दिलीप की सबसे बड़ी विरासत
टी दिलीप के कार्यकाल की सबसे यादगार पहल मैदान के बाहर की एक परंपरा रही, जिसे उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप के दौरान शुरू किया था—’बेस्ट फील्डर ऑफ द मैच’ मेडल सेरेमनी। यह अनोखी पहल जल्द ही ड्रेसिंग रूम की स्थायी परंपरा बन गई, जिसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल और रविंद्र जडेजा जैसे सीनियर खिलाड़ी भी अपने फील्डिंग प्रदर्शन के लिए सम्मानित होते रहे। इस पहल ने टीम में फील्डिंग को बल्लेबाजी और गेंदबाजी जितना ही गंभीरता से लेने की संस्कृति बनाई।
अपने विदाई संदेश में दिलीप ने क्या कहा
टी दिलीप ने भी अपनी विदाई पर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने भारतीय टीम के साथ अपने पांच साल के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और टीम इंडिया का हिस्सा बनने पर उन्हें गर्व है।
अब कौन संभालेगा जिम्मेदारी
टी दिलीप की जगह अब पूर्व असम क्रिकेटर और अनुभवी कोच सुभदीप घोष भारतीय टीम के नए फील्डिंग कोच होंगे। वे मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग स्टाफ के साथ 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से अपना कार्यभार संभालेंगे। सुभदीप के लिए यह टीम इंडिया के साथ पहला बड़ा असाइनमेंट होगा, और क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे टी दिलीप की बनाई फील्डिंग संस्कृति को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।




