कानपुर: कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मरीजों का इलाज करते समय एक 28 वर्षीय डॉक्टर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। डॉ. विनोद बिंद खुद डॉक्टर होने के बावजूद अपनी सेहत को नजरअंदाज करते रहे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।
क्या थी वजह?
जानकारी के अनुसार डॉ. बिंद का ब्लड शुगर लेवल 450 तक पहुंच गया था और उन्हें हाई बीपी की भी समस्या थी। इसके बावजूद वे लगातार ड्यूटी पर मरीजों का इलाज करते रहे, और अपनी बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया।
इस घटना ने चिकित्सा जगत में एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है — डॉक्टर भी अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी करते हैं। सहकर्मियों और परिवार में शोक की लहर है, और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।



