बंदरगाह अब्बास/वॉशिंगटन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पर ताज़ा हमलों की पुष्टि की है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के मकसद से की गई बड़ी सैन्य मुहिम का हिस्सा है।
CENTCOM का बयान क्या कहता है?
CENTCOM के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरानी कमांड सेंटर, एयर डिफेंस साइट्स, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं तथा तटीय निगरानी ठिकानों को निशाना बनाया। एजेंसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सटीक हथियारों से बंदर अब्बास सहित कई स्थानों पर लक्ष्य साधे गए। इससे पहले अमेरिका ने पहली बार सैन्य कार्रवाई में समुद्री ड्रोन (Corsair unmanned surface vessels) का इस्तेमाल करते हुए बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर एक पनडुब्बी और शिप मेंटेनेंस फैसिलिटी को निशाना बनाया था।
ईरानी मीडिया के दावे
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिकी हमलों में बंदर अब्बास और शिराज को जोड़ने वाले दो अहम पुल, बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन और ईरानशहर एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
क्षेत्रीय हलचल
- कुवैत की सेना ने ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया
- बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों को शांत रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी
- ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पहले ही बड़ी उछाल दर्ज हो चुकी है
अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को खतरे से बचाना है। स्थिति लगातार बदल रही है, और आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।




